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Vandana Purohit :- शिक्षिका से लेखिका बनने तक का सफर

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नमस्ते, मैं वंदना पुरोहित हूं। मेरा जन्म और पालन-पोषण उदयपुर, राजस्थान में हुआ है। मैं एक सामान्य भारतीय परिवार से हूं। मैंने  एम.कॉम. , बी. एड. और आर एस सी आई टी कोर्स किया। जब मैं एम. कॉम. फाइनल ईयर में थी तभी मेरी शादी हो गई। शादी के बाद घर की जिम्मेदारी आ गई। शादी के पांच साल बाद मैने बी. एड. की। मुझे बच्चों को पढ़ाना बहुत अच्छा लगता था तो मैने एक स्कूल ज्वॉइन किया। मैं  11 th और 12th के बच्चों को कॉमर्स पढ़ाती थी। 
एक शिक्षिका के रूप में, मुझे पढ़ाना बहुत अच्छा लगता है। एक शिक्षक को समाज में बहुत सम्मान मिलता है। मैने बच्चों को पढ़ाते हुए बहुत कुछ जाना , बहुत कुछ सीखा। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। किसी भी उम्र में सीख सकते है।
कोरॉना की वजह से मुझे स्कूल छोड़ना पड़ा। मैं बहुत ज्यादा दुःखी हो गई और कविताएं लिखने लगी। मेरे परिवार के कुछ लोगों को मेरा कविताएं लिखना पसंद नहीं था। मैं उन्हें कभी बता ही नहीं पाई कि मुझे कविताएं लिखना पसंद है।
मैं जब भी परेशान होती हूं और खुद को अकेला पाती हूं। अपने उस अकेलेपन के एहसास को अपनी डायरी में लिख लेती हूं। मैं कविताएं , कहानियां और कोट्स लिखती हूं। जो भी मैं महसूस करती हूं , उसे शब्दों का रूप देती हूं। मै अपनी भावनाओं को कविता के माध्यम से प्रदर्शित करती हूं। अपने जज़्बातों को जब हम किसी से कह नहीं सकते तो बहुत दर्द होता है। मैने उस दर्द को महसूस किया है।
एक दिन मैंने अपने लेखन को योर कोट ऐप पर पोस्ट किया। मेरे लेखन को बहुत सारी प्रशंसा मिली। लोगों को मेरा लेखन पसंद आया। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैने अपने लेखन के जुनून को आगे बढ़ाया।
मुझे अपने शिक्षण कार्य के लिए हमेशा प्रशंसा मिली। लेकिन मेरे लेखन को कभी प्रशंसा नहीं मिली। लोग हमेशा मुझे नीचा दिखाने के लिए मौजूद थे।  मैंने कुछ हटकर करने का फैसला किया, लोग मुझे नीचे गिराने के लिए वहां मौजूद थे। कई बार ऐसा लगा जैसे मैं हार गई । लेकिन कभी खुद को हारने नहीं दिया। कोई कभी मुझे समझ ही नहीं पाया। कभी किसी ने नहीं पूछा कि मैं क्या करना चाहती हूं। मैने हमेशा सबकी बातें सुनी है लेकिन मेरी बातें मेरी डायरी अच्छे से सुनती और समझती है। किताबें मेरी सबसे अच्छी दोस्त है ।

आखिरकार, मुझे प्रतिभा ने स्वीकार कर लिया, और अब मैं 14 एंथोलॉजी की सह-लेखिका हूं और garden of thoughts, everything Started As Nothing , unfold memories , safarnama: Many Journeys and zindagi ki hasratein aur uljhane नामक पांच पुस्तकों का संकलन किया है।
मैं बचपन से एक लेखिका बनना चाहती थी, और मेरी एक किताब प्रकाशित  करने की इच्छा थी ,जो ड्रीम पब्लिकेशन के माध्यम से पूरी हो गई।  मेरी पहली एकल पुस्तक “pearl of words”  प्रकाशित हुई है। जिसमें मैने अपनी भावनाओं को poem, quotes और story के माध्यम से प्रदर्शित किया है। मुझे शुद्ध भावनाओं को लिखना पसंद है ,जो मेरा दिल महसूस करता है, और इस पुस्तक में, मैने शुद्ध विचारों को लिखा है। उम्मीद है कि आप इसे पसंद करेंगे और मेरी हर भावना को महसूस करेंगे।

मेरे लिए,”लेखन प्रेम की अभिव्यक्ति है।”
मैं आशा करती हूं कि आपको मेरी किताब “pearl of words” पसंद आएगी। मेरे विचार को सम्मान देने के लिए आपका हार्दिक आभार।

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